Sakti Puja
नलखेड़ा बगलामुखी मंदिर: शत्रु विजय और तंत्र बाधा निवारण
2024-03-30 Pandit Nitin Acharya

माँ पीताम्बरा की जागृत ज्योति जहाँ बड़े-बड़े राजनेता और आम जन अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए आते हैं। विस्तार से जानें।
उज्जैन के निकट नलखेड़ा का माँ बगलामुखी मंदिर एक सिद्ध पीठ है। इसकी स्थापना स्वयं भगवान कृष्ण के मार्गदर्शन में पांडवों ने की थी।
साधना का महत्व:
माँ बगलामुखी को "पीताम्बरा" भी कहा जाता है। वे पीली आभा वाली शक्ति हैं जो वाणी पर विजय प्राप्त कराती हैं और शत्रुओं की बुद्धि को "स्तंभित" कर देती हैं।
किन परिस्थितियों में कराएं पूजन?
- कानूनी विवाद और मुकदमों में जीत के लिए।
- राजनीतिक और सामाजिक सफलता के लिए।
- ऊपरी बाधा, बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा हेतु।
पूजन विधि:
यहाँ पीले रंग का अत्यधिक महत्व है। पीले वस्त्र, पीला फूल, पीला चंदन और बेसन के लड्डू माँ को अर्पण किए जाते हैं। यहाँ का हवन कुंड (यज्ञ वेदी) जागृत मानी जाती है जहाँ मंत्रों की आहुति सीधे माँ तक पहुँचती है।
हमारे साथ अनुष्ठान:
हम नलखेड़ा में विशेष अनुष्ठान की सुविधा प्रदान करते हैं। पंडित नितिन आचार्य जी स्वयं इन गहन साधनाओं के लिए मार्गदर्शन करते हैं।
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